थोड़ा सा भोजन करते ही पेट में भारी भारी सा लगने लगता है!- Heavy Stomach, after a small meal

दरअसल भोजन के पचने पर इन सात धातु का निर्माण होता है। इन शब्द धातुओं में जब शुक्रधातु यानी वीर्य धातु का अधिक नाश होता है तब शरीर के सभी अंग कमजोर होने लगते हैं। मुख्य रूप से लिवर और आमाशय दोनों कमजोर हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति दुर्बल तो होता ही है साथ में मानसिक चिंताओं से भी गिर जाता है। अभी युवाओं में यह समस्या बहुत अधिक देखने को मिलती है क्योंकि वह अज्ञानतावश वीर्य का अत्यधिक नाश कर रहे लिवर और कमजोर होने का दूसरा कारण है। जब इन धातुओं का निर्माण सही से नहीं हो रहा हो। आप कुछ ऐसी चीजें इस शरीर में डाल रहे जिसमें पोषक तत्वों का नामोनिशान ही नहीं है।

सिर्फ स्वाद के चक्कर में आप ये सब चीजें खाकर भूख शांत करने में लगे रहते हैं, तब भी वीर्य का निर्माण नहीं हो पाता है। अगर भोजन सही कर रहे हैं। पर जरूर से अधिक आ रहे स्वाद के चलते पेट को पूरा तन कर भर लेते हैं,तब भी धातु का निर्माण सही से नहीं हो पाता है। क्योंकि जरूरत से अधिक खा लेने से भोजन का एक बड़ा हिस्सा सडकर ही बाहर निकलता है। ये तीन बड़े कारण हैं आपके लिवर और कमजोर होने के इन पर एक बार और नजर डालिए। अब जानिए कि आपको करना क्या है,जिससे आपका लिवर और विषय फिर से मजबूत बन सके।
इन तीनों कारणों में से कोई भी कारण आपका हो तो आप सबसे पहले बाहर का भोजन, ज्यादा की तेल, ज्यादा मिर्च, मसालेदार भोजन, खट्टा मीठा और ज्यादा नमक, नमकीन, अचार इनसे परहेज कर ले और वीर्य हानि कर रहे हैं, तो उस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दे। ये आपको करना ही पड़ेगा, नहीं तो आगे जाकर ऐसी स्थिति आएगी जब आप कितना भी पौष्टिक भोजन कर लें। जब पचाने की क्षमता ही नहीं होगी तब आप क्या करेंगे? इसलिए किसी के भ्रम में मत आइये। वीर्य की महत्ता को समझिये वीर्य नाश पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने के बादआप कुछ समय के लिए धातु नाश के कारण आई कमजोरी को दूर करने के लिए धातु पुष्ट वाले योग को करें, जिससे आंतरिक अंग फिर से मजबूत होकर सही से कार्य कर सकें।
जब लिवर और आमाशय ठीक प्रकार से कार्य करने लग जाएंगे। यानी जब भूख खुलकर लगने लगे गी और थोड़ा भोजन करने पर भी पेटभरी ना होता हो तब आप अपने भोजन को सही कीजिये। आप सम्यक आहार लीजिये, ना कम ना ज्यादा मैं आपको बता नहीं सकता। सम्यक आहार लेने से कैसा सुख प्राप्त होता है आप इसे समझने की कोशिश करें।
पुष्ट करने और शरीर में बलवीर्य बढ़ाने के लिए यह प्रयोग जरूर करें।
• सूर्य उदय होने से पहले आप एक बरगद के पेड़ के पास जाएं और एक पताशे में इसके पत्ते को तोड़कर पांच से छह बूंद, इसके दूध की टपकाये और पेट साफ करके सवेरे ही इसको खाएं। आप चाहे तो पताशे की जगह दूध का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। यानी आप बरगद के दूध को दूध में मिलाकर ले सकते हैं। गाय के दूध में भेंस के दूध में आप ले सकते हैं। यह प्रयोग हमारे द्वारा शत प्रतिशत परिचित है। इसके सेवन से आपके धातु मजबूत होगी। वीर्य का पतलापन सिर्फ 5 दिन में दूर होगा और शरीर में बलवीर तेज बढ़ेगा। आप इस परियों को एक महीने तक कर सकते हैं।
• दूसरा प्रयोग पंसारे की शॉप पर जाकर देसी बबूल का गोंद कतीरा ले आये। इसे कूटकर इसकी एक चम्मच एक गिलास पानी में डालकर रात में रख दें और सवेरे सवेरे पेट साफ होने के बाद इसे अच्छे से हिला लें। आप इसमें खान या मिश्री भी मिला सकते हैं। इस प्रयोग को 15-20 दिन तक कर सकते हैं।
ये वीर्य की कमी को पूरा करेगा और वीर्य को पुष्ट करेगा। तीसरे प्रयोग मैं आपको यह तीन आसन कर रहे हैं। ये तीनों आसन अद्भुत है और को शत प्रतिशत पुष्ट करते हैं। सुबह शाम दो दो सेट इसके आपको करना है।
पहला है:
1.) गोमुखासन,
2.) कुटासन

3.) धनुरासन

इन तीनों आसनों को करने से वीर्य का पतलापन कमजोर, वीरे पुष्ट होता है और स्वप्नदोष से छुटकारा मिलता है। ये तीनों आसन आपको यू ट्यूब पर आसानी से मिल जाएंगे।
सबका मंगल हो, सबका कल्याण हो, सबकी स्वास्थ मुक्ति हो।

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